Tata Group का 'गोल्डन एरा': N. Chandrasekaran के 10 सालों में Tata Sons ने रचा इतिहास, रेवेन्यू दोगुना और प्रॉफिट हुआ 3 गुना

मुंबई (TodayNews247): टाटा ग्रुप (Tata Group) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) के नेतृत्व में टाटा संस ने पिछले एक दशक में भारतीय कॉर्पोरेट जगत में सफलता की नई कहानी लिखी है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके 10 साल के कार्यकाल में टाटा ग्रुप का रेवेन्यू (Revenue) लगभग दोगुना हो गया है, जबकि मुनाफे (Profit) में तीन गुना की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।


1. रेवेन्यू और प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल

चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप का कुल रेवेन्यू लगभग ₹11.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, ग्रुप का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) अब ₹1 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि ग्रुप ने न केवल विस्तार किया है, बल्कि अपनी वित्तीय सेहत को भी काफी मजबूत किया है।

2. प्रमुख कंपनियों का शानदार प्रदर्शन (Performance Card)

  • TCS (Tata Consultancy Services): ग्रुप का सबसे बड़ा प्रॉफिट इंजन बना हुआ है। चंद्रशेखरन के समय में TCS का मार्केट कैप और रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

  • Tata Motors: टाटा मोटर्स ने पिछले 10 सालों में एक बड़ी वापसी की है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में दबदबा और JLR (Jaguar Land Rover) के टर्नअराउंड ने कंपनी के शेयर की कीमतों में जान फूंक दी।

  • Indian Hotels (Taj): कोविड-19 की चुनौतियों के बावजूद, इंडियन होटल्स ने 'अहवा' (Ahvaan 2025) रणनीति के तहत शानदार मुनाफा कमाया और अपने शेयरधारकों को बेहतरीन रिटर्न दिया।

  • Tata Steel: टाटा स्टील ने अपने कर्ज को कम किया और घरेलू उत्पादन क्षमता का विस्तार करके ग्रुप की बैलेंस शीट को मजबूत किया।

3. नए दौर के बिजनेस: BigBasket और Air India

चंद्रशेखरन के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि टाटा डिजिटल (Tata Digital) और Air India का अधिग्रहण रही है।

  • BigBasket: टाटा ने बिग बास्केट को खरीदकर ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।

  • Air India: एयर इंडिया की घर वापसी ग्रुप के लिए एक ऐतिहासिक पल रहा, जिसे अब चंद्रशेखरन एक विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

4. भविष्य की तैयारी: 'Future Fit' Strategy

चंद्रशेखरन ने ग्रुप के लिए '3S' (Simplification, Synergy, Scale) और 'One Tata' का विजन दिया। उन्होंने ग्रुप के जटिल स्ट्रक्चर को सरल बनाया और भविष्य की जरूरतों के लिए सेमीकंडक्टर, बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में भारी निवेश (लगभग ₹5.5 लाख करोड़) का रोडमैप तैयार किया।

शेयरधारकों के लिए क्या रहा खास?

इन 10 वर्षों में टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे निवेशकों की संपत्ति कई गुना बढ़ गई है।


TodayNews247 की राय: एन. चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप एक पारंपरिक औद्योगिक घराने से बदलकर एक आधुनिक, टेक-सेंट्रिक और भविष्य के लिए तैयार ग्लोबल पावरहाउस बन गया है।

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